मिज़ूकी अपने बेटे के आने का विरोध नहीं कर सकी और बोली, "मैं माँ को दिलासा दूँगा।" उसके पति के लगातार व्यावसायिक दौरों और अनुपस्थिति के अकेले दिनों ने, जिससे उसके पास हस्तमैथुन के अलावा कोई चारा नहीं बचा था, उसकी शालीनता छीन ली थी। यह तो बस एक बार की गलती थी... कल से, मैं फिर से एक अच्छी माँ बनूँगी... मिज़ूकी ने आनंद में खोकर खुद से कहा। ...लेकिन उसके बेटे का लिंग एक बार के रिश्ते के लिए बहुत मज़बूत था।
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