एक अंशकालिक काम करने वाला भाई... एक छोटा भाई जिसने अपना बसंत ऋतु नीले आसमान में बिताया... एक खूबसूरत और पवित्र देवर... बेवफाई के वो दिन जो मेरे भाई की नज़रों से ओझल हो गए और बार-बार... एक बहुत ही अजीबोगरीब दलदल, प्रेम-घृणा, दर्द, वर्जित गर्भावस्था का नाटक जो मैंने कभी नहीं चाहा था! !! !! देवर = तुम! वर्जित देवर योनि वीर्यपात प्रेम-घृणा का नाटक जो व्यक्तिपरक दृष्टिकोण से मोहित करता है और पूरी कहानी पर ध्यान देता है! !!
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