सिनेमा के पर्दे पर छायाओं को निहारते हुए, हवा में एक मीठी खुशबू, कोहनियों का कोमल स्पर्श घुला हुआ था। इंटरनेट कैफ़े के गलियारे में एड़ियों की खड़खड़ाहट गूँज रही थी, विभाजन से टकराती एक हल्की सी आह की आवाज़। अगर आपके बगल में बैठा व्यक्ति विपरीत लिंग का है, तो अश्लील कल्पनाएँ उमड़ पड़ेंगी, और आपकी चेतना विचित्र हो जाएगी। बगल वाली महिला ने उससे कई बार आँखें मिलाई हैं, और उसकी कल्पना हकीकत बन गई है। अपनी शर्म दूसरों को दिखाना।
अधिक..