औरत का दिल चंचल होता है। इसीलिए यह इतना दिलचस्प है। पहले इसे बाँधो और देखो, इसे निहारते हुए देखो। लाल और जर्जर औरत के शरीर को गले लगाओ, बाँधो, और फिर से गले लगाओ। रस्सियाँ उलझती हैं, शरीर उलझा हुआ है... बेचैनी से बंधी एक औरत, आनंद में खोई हुई। कीचड़ भरे दलदल में बंधी। घसीटी जा रही है... गिर रही है... डूब रही है। चाहे मैं कितनी भी बार मरूँ, चाहे मैं कितनी भी बार ऊपर चढ़ूँ, मेरा शरीर तड़पता रहेगा और दर्द करता रहेगा।
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कोड:
akho-114
रिलीज़ की तारीख:
2015-04-12
अवधि:
01:54:55
अभिनेत्रियां:
हिनाता कोमिने
,
क्योको माकी
,
हिकारी शाइना
,
सोरी त्सुबाकी
,
सयूरी सेना